मुख्यमंत्री के “कारनामे” पड़ गए सब पर भारी

“टाइमपास सीएम” समझने वालों के मंसूबों पर फिरा पानी
लोकप्रियता बढ़ती देख अब तीरथ बन गए सबसे मजबूत चेहरे

(LALIT UNIYAL)
DEHRADUN: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी किस चेहरे को लेकर चुनाव लड़ेगी इस पर संगठन के अंदर कई प्रकार की बातें उड़ रही हैं लेकिन ना केवल प्रदेश अध्यक्ष बल्कि दूसरे अन्य बड़े नेता भी मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के नाम पर सहमति जता रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर कई प्रकार की अफवाह है प्रदेश में उठ रही हैं। बातें कही जा रही थी की आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के जीतने की स्थिति में मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर किसी और अन्य व्यक्ति को देखा जा सकता है। अब यह चेहरा अनिल बलूनी का होगा या फिर प्रदेश संगठन से किसी को चुना जाएगा, इस पर चर्चाओं का बाजार अभी भी गर्म है। संगठन अभी चुनावों को लेकर किसी भी प्रकार के विवाद में नहीं पढ़ना चाहता, क्योंकि जिस प्रकार से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत कार्य कर रहे हैं वह जनता को भी लुभा रहा है। खासतौर से कोरोना संक्रमण को लेकर जिस प्रकार की कार्यनीति मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपनाई है वह कारगर साबित हुई है। उत्तराखंड में उल्लेखनीय तौर से कोरोना संक्रमण फिलहाल नियंत्रण में नजर आ रहा है तो निश्चित तौर पर इसका श्रेय भी टीम के कप्तान पर ही जाएगा।
इसके अलावा बंपर तरीके से विभिन्न विभागों में भर्तियां खोलने के साथ ही विकास के कार्यों को भी सीएम तीरथ सिंह रावत के कार्यकाल में शुरू किया जा रहा है। तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाने के समय उन्हें अंशकालिक व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा था लेकिन अपने 100 दिन के कार्यकाल में उन्होंने जिस प्रकार का “ऑल राउंडर” प्रदर्शन किया उससे ना केवल संगठन बल्कि विपक्ष और केंद्र भी हैरान है।
तीरथ सिंह रावत का सरल स्वभाव एवं प्रदेश के लिए उनकी भागदौड़ उनके भविष्य के रास्ते को मजबूत बना रही है। प्रदेश भर में उड़ रही नेतृत्व परिवर्तन की आशंकाओं को तो पहले ही खारिज किया जा चुका है और अब प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक से लेकर सांसद अजय भट्ट ने भी तीरथ सिंह रावत को ही आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का सबसे मजबूत चेहरा बताया है।
वर्तमान परिस्थितियों में तीरथ सिंह रावत के अलावा पार्टी के अंदर किसी दूसरे चेहरे पर विचार भी नहीं किया जा रहा है हालांकि उत्तराखंड प्रदेश भाजपा के अंदर से लेकर दिल्ली में बैठे भाजपा के कई महत्वकांक्षी नेताओं की नजर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर टिकी हुई है, और यही कुछ खास चेहरे उनके लिए एक चुनौती भी है।

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